भील – मीणा किसान आंदोलन (1823–1952) | राजस्थान जनजातीय आंदोलन

भील - मीणा किसान आंदोलन (1823–1952) | राजस्थान जनजातीय आंदोलन

जनजातीय आंदोलन भील – मीणा किसान आंदोलन के प्रमुख प्रकार 1. भील आंदोलन क्षेत्र पृष्ठभूमि प्रमुख घटनाएँ भील आंदोलन में गोविंद गिरी का योगदान 1. गोविंद गिरी का परिचय 2. प्रेरणा और विचारधारा यह भी पढ़ें: 3. भगत आंदोलन की शुरुआत 4. सम्प सभा का गठन (1883) 5. मानगढ़ अधिवेशन (1903) गोविंद गिरी ने भीलों … Read more

बीकानेर किसान आंदोलन (1929–1949) | गंगनहर से कांगड़ कांड तक

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बीकानेर में किसानों की स्थिति । बीकानेर किसान आंदोलन गंगनहर क्षेत्र का कृषक आंदोलन (1929–30) आंदोलन की पृष्ठभूमि समस्या परिणाम बीकानेर किसान आंदोलन की शुरुआत गंगनहर क्षेत्र (1929–30) से हुई। यह भी पढ़ें: बीकानेर किसान आंदोलन – गंगनहर क्षेत्र समस्या और असंतोष आंदोलन की शुरुआत (16 अप्रैल 1929) महाराजा गंगासिंह की हस्तक्षेप (3 मार्च 1930) … Read more

सीकर–शेखावाटी किसान आंदोलन (1918–1935) | जयपुर किसान आंदोलन

सीकर–शेखावाटी किसान आंदोलन

सीकर–शेखावाटी किसान आंदोलन परिचय जयपुर रियासत में किसान आंदोलन दो मुख्य भागों में विभक्त था – इस आंदोलन की नींव 1918 में चीरवा सेवा समिति के गठन से पड़ी। शेखावाटी क्षेत्र में सर्वप्रथम किसान आंदोलन का सूत्रपात सीकर ठिकाने से हुआ था। यह आंदोलन 1935 तक चलता रहा और राजस्थान के किसान आंदोलनों के इतिहास … Read more

बेंगू किसान आंदोलन : राजस्थान का एक ऐतिहासिक किसान संघर्ष

बेंगू किसान आंदोलन

बेंगू किसान आंदोलन राजस्थान के इतिहास में किसानों द्वारा किए गए आंदोलनों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक आंदोलन था बेंगू किसान आंदोलन, जिसने किसानों की दशा और उनके अधिकारों की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष/तिथि घटना/निर्णय विवरण 1921 आंदोलन का प्रारंभ चित्तौड़गढ़ रियासत के बेगू क्षेत्र में लागबाग, बेगार और ऊँचे … Read more

बिजौलिया किसान आंदोलन : कारण, घटनाएँ, परिणाम और महत्व

बिजौलिया किसान आंदोलन : कारण, घटनाएँ, परिणाम और महत्व

बिजौलिया किसान आंदोलन राजस्थान का इतिहास केवल शासकों और युद्धों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें किसानों के संघर्ष और बलिदान की भी गाथाएँ शामिल हैं। इन्हीं गाथाओं में एक प्रमुख है बिजोलिया किसान आंदोलन, जिसे राजस्थान का पहला संगठित एवं सबसे लंबे समय तक चलने वाला किसान आंदोलन माना जाता है। यह आंदोलन … Read more