आधुनिक राजस्थान का इतिहास | सहायक संधियाँ व अधीनस्थ संधियाँ

आधुनिक राजस्थान का इतिहास | सहायक संधियाँ व अधीनस्थ संधियाँ

सहायक संधियाँ व अधीनस्थ संधियाँ ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना और प्रारंभिक विजय अन्य युद्ध इलाहाबाद संधि के बाद ईस्ट इंडिया कम्पनी भारत में पूर्णतः राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हुई। बंगाल की अर्थव्यवस्था और कम्पनी का हस्तक्षेप रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 और घेरे की नीति (Ring Fence Policy) राजस्थान सहायक संधियाँ व अधीनस्थ संधियाँ … Read more

आहड़, गणेश्वर और बैराठ सभ्यता का इतिहास व प्रमुख तथ्य

आहड़, गणेश्वर और बैराठ सभ्यता का इतिहास व प्रमुख तथ्य

आहड़, गणेश्वर और बैराठ सभ्यता आहड़ सभ्यता – उदयपुर प्राप्त सामग्री –1.आहड़ से प्राप्त धुलकोट नामक बड़े टीले के उत्खनन से ताम्र संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए। 2. आहड़ निवासी –कृषि, पशुपालन एवं आखेट से संबंधित थे। इनके द्वारा गेहूँ, ज्वार एवं जौ का खाद्यान्न फसल के रूप में प्रयोग किया जाता था। 3. यहाँ … Read more

राजस्थान की महिला संत कवयित्री | गवरी बाई, राना बाई, करमा बाई और अन्य

राजस्थान की महिला संत कवयित्री | गवरी बाई, राना बाई, करमा बाई और अन्य

राजस्थान की महिला संत कवयित्री राजस्थान की धरती भक्ति, त्याग और समर्पण की पावन भूमि रही है। यहाँ केवल पुरुष ही नहीं बल्कि अनेक महिला संत कवयित्रियाँ भी जन्मीं, जिन्होंने भक्ति आंदोलन को नई दिशा दी। इन संतों ने कृष्ण भक्ति, निर्गुण-सगुण उपासना और समानता का संदेश समाज तक पहुँचाया। नीचे हम राजस्थान की प्रमुख … Read more

कालीबंगा सभ्यता: राजस्थान की सिंधु-सरस्वती संस्कृति का प्रमुख केंद्र

कालीबंगा सभ्यता: राजस्थान की सिंधु-सरस्वती संस्कृति का प्रमुख केंद्र

कालीबंगा सभ्यता राजस्थान की सभ्यता राजस्थान में ताम्र-कांस्य सभ्यता सिंधु-सरस्वती सभ्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इसके प्रमुख प्रतिनिधि स्थल हैं – यह भी पढ़े- आहड़, गणेश्वर और बैराठ सभ्यता कालीबंगा सभ्यता (सारणीबद्ध विवरण) विषय विवरण स्थान हनुमानगढ़ जिला, राजस्थान (घग्घर नदी के बाएँ तट पर) शाब्दिक अर्थ काली चूड़ियाँ खोज 1952 ई. खोजकर्ता अमलानंद … Read more

मीराबाई का जीवन परिचय | Mirabai Biography, रचनाएँ, भक्ति और योगदान

मीराबाई का जीवन परिचय

मीराबाई का जीवन परिचय | Mirabai Biography in Hindi राजस्थान की भक्ति परंपरा में मीराबाई का नाम अमर है। वे संत कवयित्री, कृष्ण भक्त और सगुण भक्ति की महान उपासक थीं। मीराबाई को “राजस्थान की राधा” कहा जाता है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित कर दिया। विषय विवरण पूरा नाम … Read more