हम्मीर देव चौहान का इतिहास: रणथम्भौर के अंतिम चौहान शासक और अलाउद्दीन से संघर्ष

हम्मीरदेव चौहान (1282–1301 ई.)

रणथंभौर का हम्मीर देव चौहान हम्मीरदेव चौहान (1282–1301 ई.) – हम्मीर देव चौहान जैत्रसिंह का तीसरा पुत्र था जिसे जैत्रसिंह ने अपने जीवित रहते ही रणथंभौर का शासक बना दिया। संभवतः जैत्रसिंह ने अपने सभी पुत्रों में योग्य होने के कारण ही हम्मीर देव चौहान को अपना उत्तराधिकारी बनाया। जैत्रसिंह ने अपने जीवित रहते ही … Read more

महाराणा कुम्भा का इतिहास: विजय स्तम्भ, 32 दुर्ग और मेवाड़ का स्वर्ण युग

 महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) महाराणा कुम्भा के दादा का नाम राणा लाखा था। महाराणा कुम्भा की दादी का नाम हंसाबाई था। महाराणा कुम्भा के पिता का नाम महाराणा मोकल था। महाराणा कुम्भा की माता का नाम सौभाग्य देवी था। महाराणा कुम्भा के ताऊ का नाम चुंडा था। ऐसा कहा जाता हैं कि जिस समय चाचा … Read more

जालौर के चौहान वंश का इतिहास:सोनगरा शाखा का इतिहास, शासक और विरासत

जालौर का चौहान वंश

               जालौर का चौहान वंश जालौर के चौहान वंश का संस्थापक कीर्तिपाल था। बिजोलिया शिलालेख में जालौर को जाबालिपुर कहा गया है। जालौर के किले को सोनगढ़ व सुवर्णगिरी के नाम से जाना जाता है। जालौर के चौहान सोनगरा चौहान कहलाते है। कीर्तिपाल चौहान (1181 – 1182 ई.) – … Read more

रणथंभौर का चौहान वंश: स्थापना, प्रमुख शासक और खिलजी संघर्ष

रणथंभौर का चौहान वंश पृथ्वीराज चौहान तृतीय की मृत्यु के बाद मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान के पुत्र गोविंदराज को अजमेर का शासक बनाया था, लेकीन पृथ्वीराज चौहान के भाई हरिराज ने गोविंदराज चौहान से अजमेर का शासन छिन्न लिया। तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने उसे रणथंभौर का राज्य प्रदान किया।  गोविंदराज चौहान – रणथंभौर के … Read more

राजस्थान का प्रथम साका: रणथंभौर 1301 और जौहर‑केसरिया की गाथा

राजस्थान का प्रथम साका

राजस्थान का प्रथम साका रणथंभौर का साका – 1301 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने रणथंभौर के शासक हम्मीरदेव चौहान पर आक्रमण किया। अलाउद्दीन खिलजी का रणथंभौर पर आक्रमण का कारण – अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति मीर मुहम्मद शाह एक मंगोल था। अलाउद्दीन खिलजी की बेगम का चिमना था। मुहम्मद शाह बेगम चिमना से प्रेम करता … Read more